UPI Rules Changed: डिजिटल पेमेंट करने वाले करोड़ों भारतीयों के लिए 14 फरवरी 2026 से UPI से जुड़े नियमों में अहम बदलाव लागू होने जा रहे हैं। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी UPI सिस्टम को ज्यादा सुरक्षित और तेज बनाने के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं। इन नियमों का असर और जैसे सभी प्रमुख ऐप्स पर पड़ेगा। बैलेंस चेक लिमिट, ऑटोपे टाइम स्लॉट, इनएक्टिव UPI ID और API रिस्पॉन्स टाइम जैसे कई तकनीकी बदलाव किए गए हैं, जिनका सीधा संबंध सर्वर लोड और ट्रांजैक्शन फेल्योर से है।
UPI New Rules February 2026 से जुड़ी मुख्य बातें
नए नियमों के अनुसार अब कोई भी यूजर एक ऐप से दिन में अधिकतम 50 बार ही बैलेंस चेक कर सकेगा। अगर आपके पास दो अलग-अलग UPI ऐप हैं, तो हर ऐप पर अलग लिमिट लागू होगी। इसी तरह List Account API के जरिए लिंक्ड बैंक अकाउंट देखने की सीमा 25 बार तय की गई है। ऑटोपे ट्रांजैक्शन अब सिर्फ नॉन-पीक आवर्स में प्रोसेस होंगे और एक रिक्वेस्ट पर केवल चार प्रयास ही किए जाएंगे। अगर आपकी UPI ID 12 महीने तक इस्तेमाल नहीं हुई है, तो उसे स्वतः डिएक्टिवेट कर दिया जाएगा। साथ ही, जरूरी API का रिस्पॉन्स टाइम अब 10 सेकंड के भीतर होना अनिवार्य होगा।
UPI New Rules February 2026 से मिलने वाले लाभ और असर
इन बदलावों का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि ट्रांजैक्शन फेल होने की समस्या कम होगी और सर्वर ओवरलोड की स्थिति से राहत मिलेगी। त्योहारों या सेल के समय जब लाखों लोग एक साथ भुगतान करते हैं, तब सिस्टम पर भारी दबाव पड़ता है। नए नियम इस दबाव को संतुलित करने में मदद करेंगे। इनएक्टिव UPI ID बंद होने से फ्रॉड और मोबाइल नंबर री-असाइनमेंट से जुड़े जोखिम कम होंगे। हालांकि, बार-बार बैलेंस चेक करने वाले यूजर्स को थोड़ी असुविधा हो सकती है। दुकानदारों और फ्रीलांसरों को भी ऑटोपे टाइमिंग को ध्यान में रखकर अपने भुगतान शेड्यूल करने होंगे।
UPI New Rules February 2026 के लिए पात्रता मापदंड
- यह नियम सभी UPI यूजर्स पर लागू होंगे, चाहे वे किसी भी बैंक से जुड़े हों।
- जो यूजर UPI ऐप के जरिए ऑटोपे या सब्सक्रिप्शन सुविधा का उपयोग करते हैं, वे सीधे प्रभावित होंगे।
- जिनकी UPI ID पिछले 12 महीनों से निष्क्रिय है, उनकी ID स्वतः बंद हो सकती है।
- प्री-अप्रूव्ड क्रेडिट लाइन सुविधा केवल उन्हीं यूजर्स को मिलेगी जिन्हें बैंक या NBFC से मंजूरी मिली हो।
UPI New Rules February 2026 की खास बातें
इस बार बदलाव केवल यूजर लेवल पर नहीं, बल्कि टेक्निकल बैकएंड पर भी किए गए हैं। API रिस्पॉन्स टाइम को 30 सेकंड से घटाकर 10 सेकंड करना एक बड़ा कदम है, जिससे रियल टाइम पेमेंट अनुभव बेहतर होगा। ऑटोपे को नॉन-पीक आवर्स में शिफ्ट करना भी नया प्रयोग है, जिससे दिन के व्यस्त समय में सर्वर लोड कम रहेगा। इसके अलावा, अगस्त से लागू होने वाले प्रावधान के तहत यूजर्स प्री-अप्रूव्ड क्रेडिट लाइन के जरिए भी UPI भुगतान या निकासी कर सकेंगे, जो डिजिटल लोन और ओवरड्राफ्ट सुविधाओं को आसान बनाएगा।
UPI New Rules February 2026 का उद्देश्य और मकसद
NPCI का मुख्य उद्देश्य UPI नेटवर्क को भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार करना है। डिजिटल पेमेंट का दायरा तेजी से बढ़ रहा है और रोजाना करोड़ों ट्रांजैक्शन प्रोसेस होते हैं। ऐसे में सर्वर क्षमता, साइबर सुरक्षा और यूजर अनुभव को संतुलित रखना जरूरी है। नए नियमों के जरिए सिस्टम पर अनावश्यक रिक्वेस्ट कम होंगी, जिससे बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर दबाव घटेगा। साथ ही, इनएक्टिव ID हटाने और सख्त वेरिफिकेशन से फ्रॉड रोकने में मदद मिलेगी। कुल मिलाकर, यह कदम सुरक्षित और स्थिर डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम की दिशा में अहम माना जा रहा है।
Disclaimer: यह लेख उपलब्ध आधिकारिक जानकारियों और सार्वजनिक अपडेट के आधार पर तैयार किया गया है। नियमों में समय-समय पर बदलाव संभव हैं, इसलिए किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले संबंधित बैंक या आधिकारिक स्रोत से पुष्टि अवश्य करें।
