बाजार खुलते ही लुढ़का सोना, जानें 22K और 24K का ताजा भाव Gold Price Today Update

Gold Price Today

Gold Price Today Update : Gold Rate Down Today की खबर ने सुबह-सुबह सर्राफा बाजार में हलचल मचा दी। जैसे ही बाजार खुला, सोने की कीमतों में नरमी दिखाई दी और कई शहरों में भाव ₹300 से ₹800 प्रति 10 ग्राम तक नीचे आ गए। पिछले कुछ हफ्तों से लगातार ऊंचाई छू रहे सोने के दाम अचानक फिसले तो निवेशकों और ज्वेलरी खरीदारों दोनों ने राहत की सांस ली। खासकर शादी-विवाह के सीजन में खरीदारी की तैयारी कर रहे परिवारों के लिए यह गिरावट अहम मानी जा रही है।

दरअसल, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोर रुख, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और निवेशकों की मुनाफावसूली ने सोने की रफ्तार थाम दी। ग्लोबल गोल्ड प्राइस में आई नरमी का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ा। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों में 22 कैरेट और 24 कैरेट गोल्ड रेट में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि अलग-अलग शहरों में टैक्स और मेकिंग चार्ज के कारण भाव थोड़ा अलग हो सकते हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेत और घरेलू असर

सोने की कीमतें केवल घरेलू मांग से तय नहीं होतीं। यह पूरी तरह वैश्विक संकेतों से प्रभावित होती हैं। पिछले कुछ दिनों में अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और डॉलर इंडेक्स के मजबूत होने से निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने से दूरी बनाई। जब डॉलर मजबूत होता है, तो अन्य मुद्राओं में सोना महंगा हो जाता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय मांग घटती है। इसी दबाव का असर आज भारतीय बाजार में भी देखने को मिला।

कमोडिटी विश्लेषक अजय मेहरा का कहना है, “पिछले महीने सोने में जो तेज उछाल आया था, वह काफी हद तक भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई की आशंकाओं के कारण था। अब जब बाजार कुछ हद तक स्थिर हो रहा है, तो कीमतों में करेक्शन स्वाभाविक है।” उनका मानना है कि यह गिरावट स्थायी ट्रेंड का संकेत नहीं बल्कि अस्थायी समायोजन हो सकता है।

आज का 22 और 24 कैरेट गोल्ड रेट

आज के कारोबारी सत्र में 24 कैरेट सोना लगभग ₹XX,XXX प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड करता देखा गया, जबकि 22 कैरेट सोने का भाव करीब ₹XX,XXX प्रति 10 ग्राम रहा। ये दरें संकेतात्मक हैं और अलग-अलग शहरों में थोड़ी भिन्न हो सकती हैं। सोने की शुद्धता के आधार पर दाम तय होते हैं, इसलिए निवेश या गहनों की खरीद से पहले स्थानीय ज्वेलर से सटीक जानकारी लेना जरूरी है।

ध्यान देने वाली बात यह भी है कि ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और 3% GST अंतिम कीमत को काफी प्रभावित करते हैं। कई बार ग्राहक केवल प्रति ग्राम रेट देखकर निर्णय ले लेते हैं, लेकिन कुल बिल में 8% से 15% तक अतिरिक्त खर्च जुड़ सकता है। इसलिए केवल ‘Gold Price Today’ देखकर जल्दबाजी में खरीदारी करना समझदारी नहीं मानी जाती।

शादी सीजन और निवेशकों के लिए अवसर?

भारत में सोना केवल निवेश का माध्यम नहीं, बल्कि परंपरा और सामाजिक प्रतिष्ठा से जुड़ा है। नवंबर से फरवरी तक चलने वाले शादी सीजन में मांग स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है। ऐसे समय में कीमतों में गिरावट को खरीदार अवसर के रूप में देखते हैं। ज्वेलर्स के अनुसार, सुबह से ही कई ग्राहकों ने फोन कर ताजा भाव की जानकारी ली, जिससे बाजार में हलचल बढ़ी।

निवेशकों के लिए भी यह एंट्री लेवल का मौका हो सकता है। हालांकि विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि पूरी रकम एक साथ लगाने के बजाय चरणबद्ध निवेश करना बेहतर रणनीति है। गोल्ड ETF, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड या डिजिटल गोल्ड जैसे विकल्प उन लोगों के लिए उपयुक्त हो सकते हैं जो भौतिक सोना खरीदने से बचना चाहते हैं लेकिन ‘Safe Haven Investment’ का लाभ लेना चाहते हैं।

पिछले ट्रेंड से तुलना: क्या यह बड़ी गिरावट है?

अगर पिछले छह महीनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो सोने ने रिकॉर्ड ऊंचाई भी छुई है और बीच-बीच में करेक्शन भी देखा है। ₹300–₹800 की गिरावट बड़ी लग सकती है, लेकिन कुल मिलाकर यह 1% से भी कम का उतार-चढ़ाव है। कमोडिटी बाजार में इस तरह की हलचल सामान्य मानी जाती है। 2023 और 2024 में भी ऐसे कई मौके आए जब एक-दो दिन में भाव गिरे और फिर तेजी से संभल गए।

हालांकि इस बार अंतरराष्ट्रीय आर्थिक माहौल थोड़ा अलग है। महंगाई दर, केंद्रीय बैंकों की ब्याज दर नीति और वैश्विक अनिश्चितता आगे की दिशा तय करेंगे। यदि अमेरिकी फेडरल रिजर्व सख्त रुख अपनाता है, तो सोने पर दबाव बना रह सकता है। वहीं, किसी भी वैश्विक तनाव या आर्थिक संकट की स्थिति में निवेशक फिर से सोने की ओर रुख कर सकते हैं।

आगे क्या रहेगा रुख? विशेषज्ञों की राय

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि में सोना अब भी मजबूत निवेश विकल्प है। भारतीय परिवारों के पोर्टफोलियो में 10% से 15% तक सोने का हिस्सा संतुलित माना जाता है। आर्थिक अनिश्चितता और महंगाई के दौर में यह संपत्ति मूल्य को सुरक्षित रखने का माध्यम बनता है। लेकिन शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग करने वालों को उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए।

वित्तीय सलाहकार रितिका शर्मा कहती हैं, “Gold Rate Down Today जैसी खबरें उत्साह जरूर पैदा करती हैं, लेकिन निवेश भावनाओं के आधार पर नहीं, रणनीति के तहत होना चाहिए। कीमतें गिरने पर खरीदारी और बढ़ने पर घबराहट में बिक्री से बचना जरूरी है।” उनके अनुसार, अगले कुछ हफ्तों में वैश्विक डेटा और डॉलर की चाल पर नजर रखना अहम रहेगा।

Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से तैयार किया गया है। सोने की कीमतें बाजार परिस्थितियों के अनुसार बदलती रहती हैं। निवेश या खरीदारी से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या अधिकृत ज्वेलर से परामर्श अवश्य लें। लेखक या प्रकाशक किसी भी निवेश निर्णय से होने वाले लाभ या हानि के लिए जिम्मेदार नहीं हैं।

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